वाराणसी। चुनावी रंजिश को लेकर ग्रामसभा सदस्य की गोली मारकर हत्या के मामले में दो अभियुक्तों मनोज मौर्य और गोविंद पटेल को अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता दीनानाथ सिंह के अनुसार लोहता निवासी संतोष कुमार मौर्या ने 10 अक्टूबर 2005 को लोहता थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि उसका बड़ा भाई मुन्नालाल मौर्य लोहता कस्बे के वार्ड संख्या 11 में ग्रामसभा सदस्य था। 10 अक्टूबर 2005 को उसका भाई रोहनिया रोड पर स्थित गांव के ही रहने वाले कल्लू मौर्य के पान की दुकान पर एस नाथ मौर्य व राजकुमार मौर्य के साथ बैठकर बातचीत कर रहा था।
उसी दौरान एक बाइक पर बैठकर तीन लोग वहां पहुंचे और चुनाव की रंजिश को लेकर उसके भाई को गोली मार दिया। गोली की आवाज सुनकर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो सभी हमलावर बाइक पर बैठकर वहां से भाग निकले। लहूलुहान हालत में भाई को उपचार के लिए बीएचयू अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विवेचना के दौरान दोनों अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने उन्हें अभियुक्त बनाया गया था।
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