वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में छात्र नेता आशुतोष तिवारी हर्षित ने आज विश्वविद्यालय के सबसे पुराने संकाय मानवीकी संकाय के पार्क में धान रोपाई कर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर छात्र नेता आशुतोष तिवारी हर्षित ने कहा कि —
विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार दीक्षांत समारोह को विश्वविद्यालय परिसर में न कराकर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितता, कमियों और बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार को छुपाना है, ताकि कुलाधिपति महोदय और शिक्षा मंत्री को वास्तविक स्थिति का पता न चल सके।
उन्होंने आगे कहा कि –
मानवीकी संकाय में पिछले तीन दिनों से बारिश का पानी जमा है, जिससे छात्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन मौन है। ढाई करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी केवल कागजों तक सीमित है।”
आशुतोष तिवारी हर्षित ने कहा कि –
यह वही संकाय है जहाँ महात्मा गांधी जी ठहरते थे और लाल बहादुर शास्त्री तथा चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान विभूतियों ने शिक्षा प्राप्त की थी। आज वही संकाय जलभराव से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में छात्र कैसे पढ़ पाएंगे और स्वस्थ वातावरण कैसे मिलेगा? इसलिए हमने प्रतीकात्मक रूप से विश्वविद्यालय की पढ़ाई रोककर धान रोपाई की, ताकि प्रशासन की नींद टूटे और छात्रों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए।”
उन्होंने अंत में कुलाधिपति महोदय एवं शिक्षा मंत्री से भी आग्रह किया कि वे स्वयं विश्वविद्यालय आकर वास्तविक स्थिति का जायज़ा लें और आवश्यक कदम उठाएँ।
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