सीडीओ ने राष्ट्रीय पोषण माह का किया शुभारंभ

जन आंदोलन के माध्यम से दूर होगा कुपोषण – सीडीओ

सैम व मैम बच्चों का सही ढंग से करें चिन्हांकन

छह माह तक सिर्फ स्तनपान, उसके बाद ही अनुपूरक आहार

वाराणसी| राष्ट्रीय पोषण माह में आयोजित होने वाली गतिविधियों को सिर्फ पोषण माह तक ही सीमित न रखा जाए बल्कि इन गतिविधियों को वर्ष पर्यंत आयोजित कर जनपद को कुपोषण मुक्त बनाया जाए। पोषण माह को जन आंदोलन के माध्यम से जनसामान्य को पोषण के महत्व से परिचित एवं सुपोषित आहार से स्वस्थ व्यवहार को विकसित किया जाए। इसके लिए सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन की बेहद आवश्यकता है।
यह बातें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक गोयल ने गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ गोष्ठी के दौरान कहीं । सीडीओ ने कहा कि पोषण माह में छह माह तक सिर्फ स्तनपान पर विशेष ज़ोर दिया जाए जिससे इसको 80 से 90 प्रतिशत तक उपलब्धि हासिल की जा सके। स्तनपान के साथ छह माह से ऊपर के बच्चों को अनुपूरक आहार के लिए बढ़ावा दिया जाए । इसके लिए आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ । उन्होने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों का वजन, लंबाई एवं ऊंचाई लेते समय विशेष ध्यान दिया जाए जिसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो जिससे सैम (अति कुपोषित) व मैम (कुपोषित) बच्चों का चिन्हांकन सही ढंग के किया जा सके । बच्चों, किशोर-किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे आयरन, कैल्शियम युक्त संतुलित व स्वस्थ आहार का सेवन करने पर ज़ोर दिया । गर्भवती और धात्री महिलाओं को एक मुट्ठी गुड़ व चना का नियमित सेवन करने के लिए कहा । इसके अतिरिक्त ग्रामस्तर पर प्रत्येक ग्रामसभा में पोषण पंचायत समिति का गठन किया जाए । समिति के माध्यम से कुपोषण पर चर्चा करते हुये समुदाय को जागरूक किया जाए । उन्होने राष्ट्रीय पोषण माह में कन्वेर्जेंस (सहयोगी) विभाग द्वारा विभिन्न जंगरुकता गतिविधियों किया जाए ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने कहा कि इस बार पोषण माह का प्रमुख स्लोगन ‘सशक्त सबल नारी – साक्षर बच्चा स्वस्थ भारत’ निर्धारित किया गया है । इसके साथ ही चार थीम महिला एवं स्वास्थ्य, बच्चा एवं शिक्षा- पोषण भी पढ़ाई भी, जेंडर आधारित पेयजल संरक्षण एवं प्रबंधन तथा जनजातीय क्षेत्र में महिलाओं एवं बच्चों के लिए परंपरागत आहार निर्धारित की गयी हैं। इसके अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न जन जागरूक गतिविधियां, कार्यक्रम, प्रतियोगिता आदि आयोजित होंगी।
इस अवसर पर समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, यूनीसेफ से मंडलीय समन्वयक अंजनी राय, क्षेत्रीय मुख्य सेविका एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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