वाराणसी में रोप-वे के रूट को लेकर विरोध, काशी विद्यापीठ ने शासन को भेजा पत्र, कुलपति ने राज्यपाल से जताई आपत्ति

वाराणसी. केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार से काशी में रोप-वे परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब उसके रूट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। खास तौर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ऊपर से रोप-वे ले जाने को लेकर विद्यापीठ प्रशासन ने आपत्ति जाताई है। विद्यापीठ प्रशासन की ओर से इस संबंध में शासन को पत्र भी भेजा गया है। इसके अलावा कुलपति ने राज्यपाल आनंदी बेन से मुलाकात कर रूट परिवर्तन की मांग की है।

रोप-वे के लिए विद्यापीठ से मांगी गई है जमीन
बता दें कि वाराणसी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और खास तौर पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और श्री काशी विश्वनाथ धाम तक जाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन से शहर के हृदय स्थल गोदौलिया तक जाने के लिए रोप-वे चलाने का निर्णय किया है। इस पर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हाल ही में हरी झंडी मिली है। कैंट से गोदौलिया तक के रोप-वे के मार्ग का पहला पड़ाव महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ है। ऐसे में विद्यापीठ से रोप-वे स्टेशन के निर्माण के लिए जमीन की मांग की गई है। इस पर विद्यापीठ प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है।

कुलपति मिले राज्यपाल से, जताई आपत्ति
इस बीच महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो आनंद कुमार त्यागी ने बुधवार को एक दिन के काशी प्रवास पर आईं राज्यपाल आनंदी बेन से मुलाकात कर आपत्ति जताई। कुलपति प्रो. त्यागी ने राज्यापल को बताया कि रोप-वे प्रोजेक्ट के तहत काशी विद्यापीठ परिसर की जमीन में 6 टॉवर व एकस्टेशन प्रस्तावित है। प्रस्तावित क्षेत्र में विद्यापीठ के समाज विज्ञान संकाय, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संकाय, प्रशासनिक भवन, मानविकी संकाय, कुलपति आवास, अतिथि गृह, चित्रकला विभाग और भारत माता मंदिर स्थित हैं। विद्यापीठ परिसर में रोप-वे के टावर और स्टेशन बनाए जाने से विद्यापीठ परिसर की जगह कम होगी। इससे छात्रावास विस्तार और नए विभाग बनाने की योजना प्रभावित होगी। साथ ही बाहरी लोगों के आवागमन से शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित होगा।

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