मण्डलायुक्त ने जनपद में वायरल फीवर के प्रकोप को देखते हुए रूटीन भर्ती को रोकते हुए सभी वार्ड को वायरल बुखार के मरीजों के प्रयोग में लेने को कहा ताकि कोई भी मरीज अस्पताल से वापस न लौटे

टेस्ट को ज्यादे से ज्यादे बढ़ाया जाये ताकि जल्द से जल्द इसपर काबू पाया जा सके

प्लेटलेट अगर 50000 के ऊपर चला गया और बुखार 48 घंटे से न्हि है तो मरीज को डिस्चार्ज करके वार्ड खाली करा लें ताकि और लोगों के इलाज किया जा सके : सीएमओ

मरीज को ओपीडी में ही ओरल ट्रीटमेंट दिया जाये ताकि आगे की परेशानी से बचा जा सके : सीएमओ

लाइन ऑफ़ ट्रीटमेंट जो वायरल बुखार के लिए है वो सीएचसी/पीएचसी पर भी दिया जाये केवल बड़े अस्पतालों में ही न दिया जाये

वाराणसी| मण्डलायुक्त/ जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सभी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर मरीजों की जाँच व भर्ती करने का सख्त निर्देश दिया। कितने टेस्ट व कितने मरीज भर्ती हैं इसका रोज सुबह में आंकड़ा उपलब्ध कराने व मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया, सीएचसी का पूरा उपयोग होना चाहिए। एसएसपीजी सीएमएस को भी वायरल बुखार के इलाज के बारे में उचित करवाई करने का कहा गया। ब्लड टेस्टिंग पूरी तरीके से होनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराया जाये कोई दिक्कत हो तो मण्डलायुक्त ने बताने को कहा।
बेड की कमी किसी स्तर पर नहीं होनी चाहिए दिन में मरीज भर्ती करके ओरल थेरेपी दी जाइये। सभी सीएचसी के लोगों का ग्रुप बनाया जाये व प्रतिदिन कैमरे की रिकॉर्डिंग देखा जाये की कौन काम कर रहा और जो संविदा कर्मी काम नहीं कर रहे उनको काम से हटाकर दूसरे कर्मियों को रखा जाये। जो सर्जरी जरूरी नही है उनको 20 नवम्बर के बाद का प्लान किया जाये। अभी 20 नवम्बर तक पूरा फोकस डेंगू व वायरल बुखार पर किया जाये। मुख्यमंत्री के आगामी 6 नवम्बर के सम्भावित दौरे के दौरान सीएचसी व अस्पतालों का दौरा कराया जायेगा। अस्पतालों में पूरी साफ सफाई की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। साफ सफाई में कोई कोताही नही आनी चाहिए। शिवपुर सीएचसी के प्रभारी को लोगों के भर्ती में कोई कोताही नहीं करने का निर्देश दिया गया।जहाँ से डेंगू के केस ज्यादे आ रहे वहां पर फोगिंग व साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बीडीओ को करने का निर्देश दिया गया। नगर में नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सफाई पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया। सभी अधिकारी लोग जहाँ से मरीज ज्यादे आ रहे वहां दौड़ा करें व छिड़काव पर विशेष ध्यान दें। जनप्रतिनिधियों से फोगिंग की उचित मॉनिटरिंग होनी चाहिए। मलेरिया अधिकारी से स्वच्छ पानी पर निर्देश देने को कहा गया और प्रचार-प्रसार बढ़ाने को कहा गया। पीएचसी के प्रतिदिन के क्रियाकलाप की मॉनिटरिंग होनी चाहिए। जहाँ ज्यादे जरूरी हो वहां घर पर जा कर विशेष इलाज दिया जाये। कैंप लगाकर ओआरएस वितरण, ब्लड टेस्टिंग बढ़ाया जाये। टेलीमेडिसिन पर ध्यान देने को कहा। सीएचसी पर उचित काम हो ताकि शहर के अस्पताल पर दवाब न बढ़े। संचारी रोग अभियान की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री के तरफ से हो रही इसमें किसी प्रकार से कोई कोताही बर्दास्त नहीं की जायेगी। अगली बैठक 5 नवम्बर की शाम को होगी तब तक बीमरी के प्रकोप को हर हाल में नियंत्रण में किया जा सके।

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