डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए डाकघरों में ‘प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक अभियान’ -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अब डाकघरों में यूपीआई आधारित क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान, कैश की समस्या से छुटकारा -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। भारत सरकार कैशलेस व्यवस्था को प्रोत्साहित करने हेतु डाकघरों में भी ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। ‘डाकिया डाक लाया’ से ‘डाकिया बैंक लाया’ तक के सफर में जहाँ डाक विभाग के माध्यम से सरकार वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं अब देश भर में डाकघरों के माध्यम से ‘डिजिटल पेमेंट’ को भी बढ़ावा दिया जायेगा। सुदूर क्षेत्रों तक डाक विभाग की पहुँच होने के चलते ग्रामीण इलाकों के लोग भी डिजिटल पेमेंट करना सीख सकेंगे। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था के लिए क्यू.आर. कोड से यू.पी.आइ आधारित आनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक” अभियान भी चलाया जा रहा है। इससे जहाँ डाक कर्मियों को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर डाकघरों में आए ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में 16 हजार से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हो चुके हैं जो कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक हैं।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में हुए डिजिटल ट्रांजैक्शन की प्रगति की निगरानी हेतु ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है। वाराणसी परिक्षेत्र के सभी 6 प्रधान डाकघरों, 268 उप डाकघरों और 1209 शाखा डाकघरों में क्यू.आर. कोड से डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इसमें वाराणसी पूर्वी मंडल के 224, वाराणसी पश्चिमी मंडल के 211, जौनपुर के 402, गाजीपुर के 337 और बलिया के 309 डाकघर शामिल हैं।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पत्र, रजिस्टर्ड पार्सल, रजिस्टर्ड फॉरेन पत्र, व अन्य रजिस्टर्ड आर्टिकल्स, इंटरनेशनल एयर पार्सल, एरोग्राम इंटरनेशनल, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, बिजनेस पोस्ट, बिल मेल सेवा, विभागीय परीक्षा शुल्क इत्यदि के चार्ज का भुगतान अब डिजिटल पेमेंट के माध्यम से हो सकेगा। पत्र/पार्सलों की बुकिंग के दौरान काउंटर क्लर्क द्वारा पॉइंट ऑफ सेल पर पत्र के प्रेषक व प्राप्तकर्ता की सभी जानकारियों को दर्ज करने के उपरांत ग्राहक को रकम बताई जायेगी और क्यू.आर. कार्ड को स्कैन कर भुगतान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। उक्त क्यू आर कोड को स्कैन कर किसी भी यू.पी.आई पेमेंट मोबाइल एप्लीकेशन जैसे डाक पे, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम, एमेजन पे, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक आदि के द्वारा डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा। भुगतान की प्रक्रिया ग्राहक द्वारा पूर्ण करने पर सॉफ्टवेयर सेन्ट्रल सर्वर से भुगतान संपन्न होने की जानकारी लेगा और ग्राहक की रसीद प्रिंट हो जाएगी।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से ग्राहकों की सुविधाओं में इजाफा होने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इससे डाकघरों में आए हुए ग्राहकों को फुटकर पैसों की समस्या से राहत मिल जाएगी और काउंटर पर बैठे डाक सहायक को भी नकद लेन-देन से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा और समय की भी बचत होगी। ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिए नकद रकम देकर भी डाक वस्तुओं की बुकिंग का कार्य पूर्व की ही भांति होता रहेगा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *