ज्ञानवापी प्रकरणः अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विश्वेश्वर शिवलिंग की पूजा को कोर्ट में याचिका दाखिल करने की घोषणा

वाराणसी. ज्ञानवापी परिसर सर्वे के दौरान मिली शिवलिंगनुमा आकृति (विश्वेश्वर शिवलिंग) की नियमित पूजा को ज्ञानवापी जाने से रोके जने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अनशन शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने आदि विश्वेश्वर की नियमित पूजा के बाबत कोर्ट में याचिका दायर करने की घोषणा भी की है। बता दें कि उन्होंने कुछ देर पहले मीडिया से कहा था कि वो किसी तरह का अधिकार नहीं मांग रहे, बस इतना ही चाहते हैं कि ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंगनुमा आकृति की नियमित पूजा हो। वो कोई भी करे।

जिला जज कोर्ट में दायर होगी याचिका
इस संबंध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अधिवक्ता रमेश उपाध्याय के माध्यम से जिला जज की अदालत में आज स्वयंभू ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर की पूजा की अनिवार्य रूप से तत्काल अनुमति देने संबंधी याचिका दायर करेंगे। कहा है कि यह जरूरी नहीं कि पूजा याची ही करें। बल्कि पूजा किसी ब्राह्मण से कराई जाए जो पूजा आदि कर्मकांड का ज्ञाता हो। उनका कहना है कि ऐसा करने याची को सूचित भी किया जाय। कहा गया है कि यह मामला तत्काल सुनवाई का है क्योंकि याची विश्वेश्वर महादेव की पूजा व भोग के लिए अन्न-जल त्याग कर अपने मठ में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानवापी में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग की पूजा नहीं करेंगे, तब तक अन्न-जल भी नहीं लेंगे।

ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति आदि विश्वेश्वर का पुराना ज्योतिर्लिंग
उन्होंने कहा है कि ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति हमारे आदि विश्वेश्वर का पुराना ज्योतिर्लिंग है। देवता की पूजा इसलिए की जाती है, क्योंकि उसमें प्राण होते हैं। भगवान को भूखा-प्यासा नहीं रखा जा सकता है। उनका स्नान, शृंगार, पूजा, भोग-राग नियमित होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा- ‘हमारी छोटी सी मांग है कि हमें हमारे आराध्य की दिन में एक बार पूजा करने दें। पुलिस के लोग हमारे सामने हमारा रास्ता रोक कर खड़े हो गए हैं। पुलिस अपना काम करेगी, हम अपना काम करेंगे। पूजा का अधिकार प्रत्येक सनातन धर्मी का मौलिक अधिकार है।

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