वाराणसी। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47वें दीक्षांत समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में केजीएमयू की पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि उपस्थित हैं। उनके साथ कुलपति प्रो. एके त्यागी समेत छह विशिष्ट अतिथि मंचासीन हैं। राष्ट्रगान, माल्यार्पण और कुलगीत के गायन के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई।
समारोह के दौरान कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि इस सत्र में भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की मेधा सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की बढ़ती भागीदारी विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस वर्ष कुल 71,243 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जा रही हैं, जिनमें स्नातक वर्ग के 55,642, स्नातकोत्तर के 15,322 और पीएचडी के 178 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 21387 छात्र, 34252 छात्राएं और 3 ट्रांसजेंडर स्नातक स्तर पर शामिल हैं।
दीक्षांत समारोह में कुल 101 मेधावियों को स्वर्ण पदक दिए जा रहे हैं। इनमें 74 छात्राएं और 27 छात्र शामिल हैं। स्नातक वर्ग में 23 छात्राएं और 7 छात्र, जबकि स्नातकोत्तर वर्ग में 51 छात्राएं और 20 छात्र पदक विजेता बने। यह पहली बार है जब विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के टॉपर्स को अलग-अलग मेडल प्रदान किए जा रहे हैं।
स्नातक वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली बीए संस्कृत की छात्रा आकांक्षा प्रजापति और स्नातकोत्तर में एमएफए के छात्र अक्षत कुमार सिंह को दो-दो स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, एशियन यूनिवर्सिटी पावरलिफ्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अमृता और कार्तिक को भी स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विश्वविद्यालय परिसर के गांधी अध्ययन पीठ सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।
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