वाराणसी| मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में तेज धूप और रात होते ही तापमान में गिरावट हो रही है। ऐसे मौसम में लोग जल्द ही बीमारियों की चपेट में आ जाते है। ऐसे में सभी को खास तौर पर बुजुर्गो को अपना विशेष ख्याल रखना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी उन्हें बड़ी समस्या से बचा सकती है।
यह कहना है श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय में जीरियाट्रिक क्लीनिक के प्रभारी डा. आरएन सिंह का। वह कहते है बदलते मौसम में तापमान के उतार-चढ़ाव के साथ ही लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसलिए लोग जल्द ही सर्दी, खांसी, जुकाम व फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। इतना ही नहीं यह मौसम मच्छरजनित संक्रामाक बीमारियों का भी होता है। लोग मलेरिया, डेंगू जैसे रोगों की भी चपेट में आ जाते हैं। ठंड के चलते खून की नलिकाएं संकुचित हो जाती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना अधिक होती है। लिहाजा ह्रदयरोगियों के लिए भी यह नुकसानदेय हो सकता है। ह्रदय रोग के अलावा शुगर, बीपी, दमा से पीड़ित बुजुर्गो को ऐसे मौसम में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती हैं ताकि इन बीमारियों से होने वाली परेशानियों से वह बच सकें।
डा. आरएन सिंह कहते है कि बदलते मौसम में अस्थमा और साइनस की तकलीफ भी बढ़ जाती है। ठंड लगने पर शरीर का तापमान तेजी से गिरने लगता है। शरीर में संचित ऊर्जा नष्ट होने लगती है। इससे हाइपोथर्मिया या शरीर का तापमान कम हो जाता है। हाइपोथर्मिया मष्तिष्क पर भी असर डालता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में बुजुर्गो को चाहिए कि वह ठंड से बच कर रहे। ऐसे बुजुर्ग जो मार्निंग वॉक पर जाते है उन्हें सूर्योदय के पहले टहलने नहीं जाना चाहिए। नहीं तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बीपी की समस्या सर्दी में बढ़ जाती है। ऐसे में धूप निकलने पर ही बुजुर्गो को घर से बाहर टहलने के लिए जाना चाहिए। बदलते मौसम में नमक का भी प्रयोग कम कर देना चाहिए। यह बीपी को बढ़ता है जिसकी वजह से कई तरह की समस्यायें आ सकती हैं।
ऐसे बरतें सावधानीं-
• सुबह-शाम की ठंड में गरम कपड़े पहनें
• सिर और मुंह को ढक कर रखें
• तापमान कम है तो घर से बाहर न निकलें
• गुनगुना पानी पीयें और गुनगुने पानी से ही स्नान करें
• सुबह की धूप का आनंद लें
• नियमीत रूप से हल्का व्यायाम करें
• ठंडे पेय पदार्थों को सेवन न करें
• तैलीय भोजन और जंक फूड न लें
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