ईस्ट इंडिया कंपनी के तर्ज पर ऑनलाइन व्यापार से व्यापारी हो जाएंगे गुलाम- व्यापार मंडल

वाराणसी| महानगर उद्योग व्यापार समिति के आवश्यक बैठक मलदहिया स्थित अनुज के ऑफिस में आयोजित की गयी जिसमे GST काउंसिलिंग द्वारा रोज नए कानून बनाकर छोटे खुदरा व्यापारियों का उत्प्रीड़न किया जा रहा है |

अभी ऑनलाइन ई-चालान केवल B2B चालानों पर लागू होता है, कानून के लिए कुछ संस्थाओं को B2C चालानों के लिए एक गतिशील QR कोड जनरेट करने और प्रिंट करने की आवश्यकता होती है।
अपंजीकृत व्यक्तियों या उपभोक्ताओं को की गई सभी आपूर्तियों को बी2सी लेनदेन कहा जाता है। B2C चालान वे चालान हैं जहां अंतिम उपयोगकर्ता इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा नहीं करेगा। अभी तक, B2C चालानों को ई-चालान से छूट प्राप्त है। हालांकि, अधिसूचना संख्या 71/2020-केंद्रीय कर द्वारा संशोधित अधिसूचना संख्या 14/2020-केंद्रीय कर के अनुसार सभी बी2सी चालानों पर डिजिटल भुगतान को सक्षम करने के लिए एक करदाता को एक गतिशील क्यूआर कोड उत्पन्न करना आवश्यक है।ऐसी स्थिति में देश के छोटे व्यापारी जोकि आज के कंप्यूटर युग से भली भाती वाकिफ नहीं है उनका सारा व्यवसाय चौपट हो जायेगा |

आज ऑनलाइन कम्पनिया इष्ट इंडिया कंपनी की तरह हो गयी है वह अपने चक्रब्यूह में धीरे धीरे छोटे कंपनियों को आर्थिक नुकसान कराके समाप्त कर देंगी उसके बाद उनका वर्चस्व हो जायेगा एवं सारे व्यापारी उनके गुलाम हो जायेंगे |

ऐसी स्थिति में सारे व्यापारियों ने एक सुर में रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इसी तरह शासन द्वारा मनमानी किया जायेगा तो मजबूर होकर अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके चाभी प्रधान मंत्री के संसदीय कार्यालय को सौप दिया जायेगा ।

आज की सभा में मुख्य रूप से प्रेम मिश्रा ,अशोक जायसवाल, अनुज डिडवानिया, अजय गुप्ता, सोमनाथ विश्वकर्मा ,वेद अग्रवाल, भजनलाल अग्रहरि, प्रतीक शर्मा, राजन जायसवाल, पंकज अग्रवाल, मनीष चौबे, अजय जायसवाल बबलु, रमेश यादव, दिनेश अग्रवाल आदि लोग उपस्थित थे|

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