मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न

स्तनपान बढ़ाने को काम हो, ताकि कुपोषण की समस्या ही उत्पन्न न हो-हिमांशु नागपाल

प्री-स्कूल लर्निंग का मूल्यांकन हो ताकि शांतिपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिले-सीडीओ

अच्छा काम करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों व सहायिकाओं को माह के अंत में टॉप टेन के लिस्ट में पुरस्कृत करें

प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में सैजन का पेड़ लगाया जाये, ताकि उसमें मौजूद तत्वों से बच्चों को लाभ दिया जा सके

  वाराणसी। राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जनपद स्तरीय पोषण समिति की बैठक मंगलवार को विकास भवन सभागार में हुआ। जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने की। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डी के सिंह द्वारा जिले में पोषण मिशन के अंतर्गत चल रहे क्रियाकलापों को प्रोजेक्टर के माध्यम से बिंदुवार रखा गया। जिसमें बताया गया कि जनपद में वर्तमान में 9 प्रोजेक्ट चल रहे। जिसमें 8 ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 1 शहरी क्षेत्र में चल रहा। 3914 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे। जिसमें 3599 आंगनबाड़ी सहायक, 72 सुपरवाइजर तथा 8 सीडीपीओ कार्यरत हैं।  
  0-5 वर्ष के बच्चों की पोषण स्थिति भी बतायी गयी। जिसमें लगभग 359597 बच्चों में 5286 गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान की गयी गई है, जो की 1.5% है जबकि राज्य स्तर पर यह आंकड़ा 5.9% के लगभग है। इस स्तर को सुधारने के लगातार प्रयास हो रहे हैं तथा बच्चों को एल्बेंडाजोल, आयरन फोलिक एसिड व मल्टीविटामिन की खुराक लगातार दी जा रही है। सीडीओ द्वारा सैम/मैम बच्चों को लेकर विशेष जानकारी ली गयी तथा एनआरसी (नेशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर) की उपस्थिति को बढ़ाने पर काम करने को कहा गया। उन्होंने जून से शुरू हुई अभिनव पहल फेज-2 का भी अवलोकन किया तथा आगे से उसमें नये बच्चों के जुड़ने का डाटा भी माँगा। बच्चों में प्रोटीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा तथा इस संबंध में उन्नाव जिले में एसएचजी द्वारा तैयार किये जा रहे पीनट बटर की योजना को जिले में भी मूर्तरूप देने को कहा गया, ताकि बच्चों को प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा दी जा सके। उन्होंने डीएसओ से फ़ूड फोर्टीफिकेशन कार्यक्रम के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में सबसे ज्यादे जोर स्तनपान को लेकर दिया गया ताकि कुपोषण की समस्या को वहीँ खत्म किया जा सके, क्योंकि पोषण की बात सातवें महीने से होती तो क्यों न हम माँ के द्वारा बच्चों को कराये जा रहे स्तनपान के बारे में उचित जानकारी लोगों के बीच गोष्ठियों के माध्यम से पहुचायें ताकि हम इसको पूरी तरह खत्म कर सकें। उन्होंने कमेटी बनाकर नवम्बर से स्तनपान जागरूकता अभियान लगातार दो से तीन महीने चलाने को कहा ताकि इसके माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाई जा सके। बैठक में सीडीओ द्वारा सफल लोगों की कहानियां भी प्रचारित करने का निर्देश दिया गया तथा अच्छा काम करने वालों को महीने के अंत में पुरष्कृत करने को भी कहा गया। बच्चों में हीमोग्लोबिन की मात्रा का पता लगाने को मुरादाबाद में चल रही नॉन-इनवेसिव तकनीक का अध्ययन करने को कहा गया। बैठक में बीएसए द्वारा बन रहे पोषण वाटिका की जानकारी दी गयी।
 बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डी के सिंह, डीएसओ, सीडीपीओ, एडीआईओएस,आंगनवाड़ी सुपरवाइजर आदि लोग उपस्थित थे।

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