नागकेसर मिश्रित 12 नदियों व तीन सागरों के जल से व्यवसायी संघ ने किया बाबा का जलाभिषेक

वाराणसी। सावन के तीसरे सोमवार को परंपरागत रूप विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ द्वारा बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया गया।

विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के नेतृत्व में होने वाले जलाभिषेक में इस बार विशेष तौर पर देश के विभिन्न भागों से 12 नदियों व तीन सागरों जिनमें माता गंगा के अलावा यमुना, सरस्वती (त्रिवेणी-संगम), कावेरी, ताप्ती, ब्रह्मपुत्र, अलकनंदा, वरुणा, गोदावरी, क्षिप्रा, सिन्ध, कृष्णा, नर्मदा के साथ ही तीन महासागरों महानद (गंगासागर), अरब-सागर के साथ ही हिंद-महासागर का जल मंगाया गया था।

विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ द्वारा स्व एंव विश्व कल्याणार्थ की कामना से जलाभिषेक के पुर्व 12 नदियों और 3 सागरों के जल को अलग-अलग कलशों में रखकर “नागकेसर” मिश्रित करके वैदिक रिती से पुजन किया गया। शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 11 वैदिक छात्रों द्वारा पुजन कराया गया।

जलाभिषेक के लिये विश्वनाथ गली के व्यापारी सुबह आठ बजे चितरंजन पार्क पर इक्कठा होकर दशाश्वमेध घाट से अपने पात्रों में जल लिया। संघ के अध्यक्ष व साक्षी-विनायक मंदिर के महंत रमेश तिवारी के नेतृत्व में डमरूओं की गड़गड़ाहट और शंख ध्वनि करते हुए व्यापारियों का समुह परंपरागत मार्ग  सिंहद्वार (डेढ़सीपुल) से साक्षी-विनायक होते हुए गेट नं.-1 ढुंढिराज गणेश से विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने पहुचें। गर्भ-गृह में बाबा का जलाभिषेक के पश्चात व्यापारी अन्नपूर्णा दर्शन करके ढुंढिराज से होकर वापस साक्षी-विनायक पहुंच कर पुजन किया। जलाभिषेक में संघ के पवन शुक्ला, कमल तिवारी, राजु बाजोरिया, भानू मिश्रा, ऋषि झिगंरन, सुनिल शर्मा मुंशी, सिद्धार्थ भारद्वाज, विष्णु कसेरा, संजय जायसवाल, मनोज प्रजापति, राजेश देववंशी, गोपाल केशरी, अजय शर्मा सहीत काशी विश्वनाथ डमरू दल के मोनु बाबा एंव विश्वनाथ गली के व्यापारी व उनके परिवार की महिलाऐ एंव बच्चे शामिल थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *