विशेष लोक अदालत में आरबट्रेशन वादो का सुलह समझौते से हुआ निस्तारण

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया

बैरक के बन्दियो को विशेष रूचि के साथ पढ़ाये व उनकी नियमित कक्षायें ले

   वाराणसी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश डा० अजय कृष्ण विश्वेश के अध्यक्षता में आरबट्रेशन के निष्पादन वादों के निस्तारण हेतु दीवानी न्यायालय तथा वाणिज्यिक न्यायालय में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष लोक अदालत में कुल 10 आरबट्रेशन के निष्पादन वादों का निस्तारण सुलह समझौते आधार पर किया गया। 
    उक्त जानकारी देते हुए पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा यादव ने बताया कि पीठासीन अधिकारी, वाणिज्यिक न्यायालय रामसुनील सिंह द्वारा 04 वाद, रोहित रघुवंशी अपर जिला जज कोर्ट संख्या-02 द्वारा 01 वाद, अशोक कुमार यादव विशेष न्यायाधीश (अ०नि०अधि०) कोर्ट संख्या-04 द्वारा 01 वाद, अनिल कुमार V विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनयम द्वारा 02 वाद, मनोज कुमार तिवारी अपर जिला जज कोर्ट संख्या 05 द्वारा 02 वाद का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। सुलह समझौते हेतु जनपद न्यायाधीश के आदेश से 6-6 अपर जनपद न्यायाधीशगण की दो पीठों का भी गठन किया गया।

तदोपरान्त दिनांक 26, 27, 28 व 29 सितम्बर को एन0आई0 एक्ट की धारा 138 के वादों के निस्तारण हेतु आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत की भव्य सफलता हेतु समिति द्वारा तीसरी प्री-सिटिंग बैठक का आयोजन किया गया तथा श्रीमती शिखा यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी द्वारा बताया गया कि आज प्री-सिटिंग बैठक में 04 मामलों में समझौता कराने का प्रयास किया गया। जिसमें 03 मामलों में सुलह वार्ता सफल रही।
जनपद न्यायाधीश डा० अजय कृष्ण विश्वेश के आदेश के अनुपालन में शिखा यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बन्दीयों से वार्ता के दौरान उनकी समस्या को सुना गया तथा उसके तत्काल निवारण हेतु पत्राचार करने के लिए जेलर, जिला कारागार को निर्देशित किया। बन्दियों से उनकी दिनचर्या के विषय में विस्तार पूर्वक बातचीत की गयी। बन्दियों द्वारा बताया गया कि उन्हें समय-समय से नाश्ता, खाना उपलब्ध हो जाता है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी द्वारा बन्दियो को उनके अधिकारो, प्ली- बारगेनिंग, धारा 498ए द०प्र०सं० परिहार (REMISSION). जेल लोक अदालत तथा HIV AIDS से बचाव के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। जिन बन्दियों के पास पैरवी हेतु अधिवक्ता नही है, उन्हे निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराये जाने हेतु उनके प्रार्थनापत्र तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी में प्रेषित करवाये जाने हेतु जेल अधिकारियो को निर्देशित किया गया। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि जेल में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय। विशेष कर महीला बैरक के शौचालय गन्दे पाये जाने पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए उनकी बराबर सफाई कराने के लिए निर्देशित किया गया। जेल में सम्बद्ध अध्यापक के लिए निर्देशित किया गया की वह बालक बैरक के बन्दियो को विशेष रूचि के साथ पढ़ाये व उनकी नियमित कक्षायें ले।

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